Gurugram: Sohna Elevated Flyover की सड़क तीन साल में पांच बार धंसी, GMDA ने NHAI को निर्माण की सौंपी जिम्मेदारी
NHAI की अनदेखी और टेंडर में देरी बनी मुसीबत सात साल पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने सीवर लाइन की मरम्मत के लिए सीआईपीपी (क्यूरड इन प्लेस पाइप) पद्धति से 28.75 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट तैयार कर एनएचएआई को दिया था

Gurugram News Network – Sohna Elevated Flyover पर बार-बार धंस रही सीवर लाइन अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) निर्माण करेगा। 30 जून को सेक्टर-47 स्थित मॉल के सामने पांचवीं बार सीवर लाइन धंसने और करीब चार मीटर चौड़ा गड्ढा बनने के बाद, जीएमडीए अधिकारी ने एनएचएआई अधिकारी से बात की। जीएमडीए द्वारा जल्द ही टेंडर से जुड़े दस्तावेज NHAI को सौंपे जाएंगे।
25 साल पुरानी लाइन, बार-बार आ रही समस्या राजीव चौक से शीशपाल विहार तक करीब 25 साल पहले डाली गई यह सीवर लाइन इन दिनों बेहद बदहाल स्थिति में है। पिछले दो सालों में यह पांचवीं बार है जब यह लाइन धंसी है। गनीमत रही कि इस बार कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।

घटना के बाद जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने अधिकारियों को तलब किया और बार-बार हो रही इस समस्या के कारणों पर चर्चा की। इसके बाद यह फैसला लिया गया कि एनएचएआई खुद इस सीवर लाइन को दुरुस्त करवाएगा।
हाईवे की एक लेन बंद, यातायात प्रभावित सीवर लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण सोहना हाईवे की एक लेन करीब 50 मीटर तक बंद कर दी गई है। हालांकि तीन लेन का हाईवे होने के कारण फिलहाल यातायात में ज्यादा बाधा नहीं आ रही है। इस सीवर लाइन का अधिकांश हिस्सा सर्विस रोड से होकर गुजरता है, जिससे सर्विस रोड पर बड़ा नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।

NHAI की अनदेखी और टेंडर में देरी बनी मुसीबत सात साल पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने सीवर लाइन की मरम्मत के लिए सीआईपीपी (क्यूरड इन प्लेस पाइप) पद्धति से 28.75 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट तैयार कर एनएचएआई को दिया था, लेकिन उस समय एनएचएआई ने इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया और हाईवे का निर्माण कर दिया। इसी अनदेखी का परिणाम है कि अब यह लाइन बार-बार धंस रही है।
करोड़ों का नुकसान पिछले साल जीएमडीए ने सीआईपीपी पद्धति से मरम्मत के लिए 19.31 करोड़ रुपये का टेंडर आमंत्रित किया था। लेकिन सीआईपीपी का काम करने वाली गिनी-चुनी कंपनियों के एकाधिकार के कारण दो कंपनियों ने आरक्षित कीमत से 50% और 53% अधिक दर पर टेंडर भर दिए।

एक करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पिछले एक साल में इस क्षतिग्रस्त सीवर लाइन को दुरुस्त करने और दोबारा सड़क बनाने में करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। चार बार और शीशपाल विहार के सामने एक बार सीवर लाइन धंस चुकी है, जिससे लाखों का नुकसान हुआ है।
सुभाष चौक से शीशपाल विहार तक करीब तीन किलोमीटर लंबी यह सीवर लाइन पांच साल से बदहाल है, लेकिन जीएमडीए और एनएचएआई दोनों ने ही समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया। यदि हाईवे निर्माण से पहले ही इसे दुरुस्त कर लिया जाता तो आज यह स्थिति न होती।










